Market cues : निफ्टी दिन भर सीमित दायरे में रहा और फिर सपाट बंद हुआ। ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबदबा बना रहा। निचले स्तर पर 22,500 का स्तर सपोर्ट के रूप में कायम है
Market Mood: 27 फरवरी (एफ एंड ओ एक्सपायरी डे) को भारतीय इक्विटी इंडेक्स बिना किसी बदलाव के बंद हुए। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 10.31 अंक या 0.01 फीसदी बढ़कर 74,612.43 पर और निफ्टी 2.50 अंक या 0.01 फीसदी गिरकर 22,545.05 पर बंद हुआ। मिलेजुले ग्लोबल संकेतों के चलते भारतीय इंजेक्स मामूली बढ़त के साथ खुले थे। आज मेटल और बैंकिंग शेयरों को छोड़कर सभी सेक्टरों में बिकवाली के बीच पूरे कारोबारी सत्र के दौरान सीमित दायरे में कारोबार होता रहा।
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को बैंक ऋण देने पर जोखिम भार में छूट की घोषणा के बाद इनमें तेजी आई। केंद्रीय बैंक ने एनबीएफसी को दिए जाने वाले बैंक ऋणों पर जोखिम भार को 125 प्रतिशत से घटाकर 100 प्रतिशत करने का कदम उठाया है। यह निर्णय 1 अप्रैल से प्रभावी होगा। निफ्टी पर श्रीराम फाइनेंस, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, सन फार्मा, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज टॉप गेनर रहे। वहीं, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट, जियो फाइनेंशियल, बजाज ऑटो और टाटा मोटर्स निफ्टी के टॉप लूजर रहे।
बैंक और मेटल को छोड़कर,दूसरे सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। ऑटो, मीडिया, एनर्जी, कैपिटल गुड्स, रियल्टी, पावर में 1-2 फीसदी की गिरावट आई। बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 1 फीसदी और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2 फीसदी की गिरावट आई।
बीएसई पर 460 से अधिक शेयरों ने अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर को छुआ। इनमें जीएनएफसी, पीवीआर आईनॉक्स, फिनोलेक्स केबल्स, हैवेल्स इंडिया, जेबीएम ऑटो, वरुण बेवरेजेज, जीई शिपिंग, एमएमटीसी, टीटागढ़ रेल सिस्टम्स, फाइन ऑर्गेनिक्स, जीएसएफसी, नेटवर्क 18, सन टीवी नेटवर्क, चेन्नई पेट्रो, तानला प्लेटफॉर्म, गुजरात गैस, श्री रेणुका शुगर्स, अदानी ग्रीन एनर्जी और एल्गी इक्विप्मेंट्स के नाम शामिल हैं।
मेहता इक्विटीज के प्रशांत तापसे का कहना है कि बाजार आज मिलेजुले रुझान के साथ बंद हुआ। ट्रेडरों ने पिछले कुछ हफ्तों में बिकवाली देखने के बाद एक्सपायरी के दिन सावधानी बरतना पसंद किया। भारत के महंगे वैल्यूशन के चलते पिछले 3-5 महीनों से विदेशी फंड भारी बिकवाली कर रहे हैं वहीं कमजोर होते रुपए के साथ चल रही टैरिफ संबंधी चिंताओं ने निवेशकों को बेचैन किया हुआ है।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि माइक्रोफाइनेंस कंपनियों और एनबीएफसी के लिए लेंडिंग नियमों को आसान बनाने के आरबीआई के फैसले से फाइनेंशियल सेक्टर में तेजी आई। हालांकि सेंसेक्स-निफ्टी सपाट बंद हुए। ग्लोबल मार्केट में निगेटिव रुख रहा और अमेरिकी टैरिफ नीतियों को लेकर नई चिंताओं के कारण घरेलू ब्रॉडर मार्केट की धारणा कमजोर रही। चल रहे ट्रेड टेंशन के बीच,निवेशकों की नजर अब अमेरिकी और घरेलू जीडीपी आंकड़ों पर लगी हुई है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक रूपक डे का कहना है कि निफ्टी दिन भर सीमित दायरे में रहा और फिर सपाट बंद हुआ। ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबदबा बना रहा। निचले स्तर पर 22,500 का स्तर सपोर्ट के रूप में कायम है। ठीक वैसे ही जैसे कुछ दिन पहले 22,800 का स्तर सपोर्ट का काम कर रहा था। ऐसा लगता है कि अगर निफ्टी 22,500 से नीचे गिरता है तो ये गिरावट 22,200 की ओर बढ़ सकती है। ऊपर की तरफ इसके लिए 22,650 पर तत्काल सपोर्ट दिख रहा। शॉर्ट टर्म में जब तक निफ्टी 22,750-22,800 की रेंज से नीचे रहता है तब तक इसमें "उछाल पर बिकवाली" वाला रुझान बना रहेगा।
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