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Polycab, KEI, RR Cables: ऑलटाइम हाई से 50% तक गिरे केबल और वायर कंपनियों के शेयर, क्या अब सस्ता हो गया है भाव?

वायर एंड केबल्स सेक्टर की ज्यादातर कंपनियों के शेयर अपने उच्चतम स्तर से 30% से 50% तक गिर चुके हैं

देश की सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी, अल्ट्राटेक सीमेंट ने अब वायर और केबल बिजनेस में भी उतरने का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने कहा कि वह इस सेगमेंट में अगले 2 सालों के दौरान 1,800 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस ऐलान के बाद आज 27 फरवरी को वायर एंड केबल्स कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली। KEI इंडस्ट्रीज के शेयर 18 फीसदी, पॉलीकैब इंडिया के शेयर 15 फीसदी और RR केबल लिमिटेड के शेयरों में 12 फीसदी तक लुढ़क गए। UltraTech Cement के शेयरों में भी 6% की गिरावट देखी गई। यह पिछले 3 सालों में कंपनी के शेयरों में आई सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट है।

KEI Industries के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) अनिल गुप्ता ने हमारे सहयोगी CNBC-TV18 से बातचीत में कहा कि केबल और वायर इंडस्ट्री में नए कंपनियों के आने के लिए पर्याप्त जगह है। उन्होंने यह भी कहा कि UltraTech की एंट्री से बाजार में कीमतों में बड़ी गिरावट नहीं आएगी।

उन्होंने कहा कि अल्ट्राटेक को उत्पादन शुरू करने में कम से कम तीन साल लगेंगे। इसके अलावा ब्रांड बनाने और बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने में अतिरिक्त तीन से चार साल का समय लग सकता है। गुप्ता ने कहा कि अल्ट्राटेक के आने से KEI इंडस्ट्रीज की मार्जिन पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। RR Kabel के मैनेजमेंट ने भी हमारे सहयोगी CNBC-TV18 से कहा कि UltraTech की एंट्री उतनी बड़ी चिंता नहीं है, जितनी बाजार में मानी जा रही है।

UltraTech की घोषणा के बाद इस सेक्टर की ज्यादातर कंपनियों के शेयर अपने उच्चतम स्तर से 30% से 50% तक गिर चुके हैं। पॉलीकैब, KEI इंडस्ट्रीज और हैवेल्स जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर भी अपने शिखर से 30% से 40% तक नीचे आ चुके हैं।

इस गिरावट के साथ, पॉलीकैब, KEI इंडस्ट्रीज और हैवेल्स के शेयरों में अपने-अपने शिखर से 30% से 40% तक की गिरावट आई है, आरआर केबल और फिनोलेक्स केबल्स के शेयरों में अपने हाल के उच्चतम स्तर से आधी गिरावट आई है।

आइए देखते हैं कि इन कंपनियों के वैल्यूएशन पर एक नजर डालते हैं-

1. पॉलीकैब: यह शेयर वित्तीय वर्ष 2025 की अनुमानित आय पर 39.5 गुना के प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) मल्टीपल पर कारोबार कर रहा है, जो अभी भी इसके 5 साल के औसत P/E मल्टीपल 31.5 गुना से अधिक है।

2. हैवेल्स इंडिया: यह शेयर वित्तीय वर्ष 2025 की अनुमानित आय पर 62 गुना के P/E मल्टीपल पर कारोबार कर रहा है। यह इसके 5 साल के औसत मल्टीपल के ही मुताबिक है।

3. KEI इंडस्ट्रीज: अल्ट्राटेक सीमेंट के ऐलान के बाद गुरुवार को इस शेयर में सबसे अधिक गिरावट देखने को मिली। हालांकि इसके बावजूद यह अभी भी वित्तीय वर्ष 2025 की अनुमानित आय पर 44.5 गुना पर कारोबार कर रही है, जो इसके पिछले पांच साल के औसत मल्टीपल 28.5 गुना से अधिक है।

4. फिनोलेक्स केबल्स: यह शेयर वित्तीय वर्ष 2025 की अनुमानित आय पर 18.3 गुना पर कारोबार कर रहा है, जो इसके पिछले पांच साल के औसत P/E मल्टीपल 15.7 गुना से अधिक है। जबकि इसके शेयर अपने शिखर से करीब 50 प्रतिशत तक सस्ते हो चुके हैं।

ब्रोकरेज फर्म HSBC का क्या कहना है?

ब्रोकरेज फर्म HSBC का मानना है कि UltraTech की एंट्री से मौजूदा कंपनियों की ग्रोथ और मार्जिन पर असर पड़ सकता है, खासकर FY27 के बाद। ब्रोकरेज ने पॉलीकैब इंडिया का टारगेट प्राइस 20% घटाकर 7,840 रुपये से 6,250 रुपये कर दिया है। वहीं इसने KEI इंडस्ट्रीज का टारगेट प्राइस 23% घटाकर 4,500 रुपये से 3,450 रुपये कर दिया है। हैवेल्स का टारगेट प्राइस 6.5% घटाकर 1,850 रुपये से 1,730 रुपये कर दिया गया है। HSBC ने हैवेल्स और पॉलीकैब को "Buy" रेटिंग दी है, जबकि KEI इंडस्ट्रीज को "होल्ड" रेटिंग दी है।

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