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चाय बेचने वाली कंपनी 'Chai Point' भी लाएगी अपना IPO, 2026 में हो सकती है लिस्ट

Chai Point IPO: शेयर बाजार में जल्द ही एक चाय बेचने वाली कंपनी की एंट्री होती हुई दिखाई दे सकती है। देश के कई शहरों में टी कैफे चेन चलाने वाली कंपनी 'चाय प्वाइंट (Chai Point)' अगले साल 2026 तक अपना इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने की योजना बना रही है। कंपनी के को-फाउंडर तरुण खन्ना ने इस बात की पुष्टि की है। कंपनी का दावा है कि वह हर दिन लगभग 10 लाख कप चाय बेचती है, और हाल ही में महाकुंभ के दौरान एक दिन में 1 लाख कप चाय बेचने की इसने खास उपलब्धि भी हासिल की।

कैसे हुई Chai Point की शुरुआत?

Chai Point के सफर की शुरुआत 2009 में मुंबई के एक कैफे में हुई, जब हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर तरुण खन्ना और उनके छात्र अमूलीक सिंह बिजरल ने एक सड़क किनारे चाय बेचने वाले छोटे लड़के को देखा। प्लास्टिक के गंदे कपों में चाय बेचते इस लड़के को देखकर उनके मन में ख्याल आया – क्या चाय को एक साफ-सुथरे और किफायती तरीके से बड़े पैमाने पर बेचा जा सकता है? इसी सोच से 2010 में बेंगलुरु के कोरमंगला में पहला Chai Point कैफे खुला।

खन्ना ने चाय प्वाइंट के सफर को याद करते हुए कहा, "जब अमूलीक और मैंने मिलकर इस स्टार्टअप की शुरुआती की, तब हमारे पास 5 कर्मचारी थे - इनमें से अधिकतर स्टोर के कर्मचारी थे।" दो साल के अंदर ही चाय प्वाइंट ने बेंगलुरु के बाहर विस्तार करना शुरू कर दिया और सबसे पहले दिल्ली में स्टोर खोले। फिर मुंबई और पुणे तक विस्तार किया।


आज, यह कंपनी रोजाना 9,00,000 कप से अधिक चाय बेचती है। साथ ही सैंडविच, मैगी, पकौड़े सहित तमाम तरह के स्नैक्स बेचती है। कंपनी का दावा है कि उसके ये सभी प्रोडक्ट्स, बाकी बड़े कैफे चेन की तुलना में काफी कम दरों पर उपलब्ध हैं।

तरुण खन्ना ने बताया, "हमारे पास अब 170 से अधिक स्टोर हैं और यह संख्या बढ़ती जा रही है। अगले 2 सालों में हमारी योजना 300 और स्टोर खोलने की है।" इसका मॉडल वॉक-इन और सिटिंग एरिया दोनों फॉर्मेट में है। अब हम डिलीवरी भी करते हैं। हमारे 170 स्टोर में से 60 स्टोर में बैठने की जगह है जबकि बाकी 110 वॉक-इन हैं।"

उन्होंने कहा, "हम अभी हर महीने 10 स्टोर बना रहे हैं और हर महीने 500 बॉट तैनात कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य अगले एक साल में हर महीने 20 स्टोर और हर महीने 750 बॉट तैनात करना है।" को-फाउंडर ने बताया, "फिलहाल हमारे पास करीब 1,400 कर्मचारी हैं। हर स्टोर के साथ 6 और कर्मचारी जुड़े जाते हैं और कर्मचारियों की संख्या में 95 प्रतिशत ग्रोथ इसी तरह हो रह।" फर्म हर महीने 500 से ज़्यादा बॉट तैनात कर रही है और अगले 12 महीनों में इसे 750 बॉट तक ले जाना चाहती है।

सीक्रेट फॉर्मूला और टेक्नोलॉजी का जादू

खन्ना ने कहा, "कोक या पेप्सी की तरह ही, हमारे पास भी चाय को बनाने का अपना एक सीक्रेट फॉर्मूला है। लोग अक्सर कहते हैं कि उनकी मां सबसे अच्छी चाय बनाती हैं और मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं होगा कि चाय पॉइंट का स्वाद उस पैमाने पर 8 या 9 के करीब है।"

वेंडिंग मशीन सर्विस – 'Vending as a Service' मॉडल के तहत ऑफिसो और अस्पतालों में भी 'चाय बॉट्स' लगा रही है। उनकी 'चाय बॉट' टेक्नोलॉजी AWS और GCP क्लाउड प्लेटफॉर्म्स पर आधारित है, जो रियल-टाइम डेटा मॉनिटरिंग, AI और IoT के जरिए चाय बनाने की प्रक्रिया को बिल्कुल सटीक और स्वादिष्ट बनाती है।

कोविड के बाद नई शुरुआत

कोविड के दौरान Chai Point को बड़ा झटका लगा, कई स्टोर्स बंद हुए और कई कर्मचारी दूसरी कंपनियों में चले गए। लेकिन कंपनी ने अपनी टेक टीम दोबारा बनाई, और चाय बॉट्स का उत्पादन चीन से हटाकर भारत में शुरू किया। तरुण खन्ना के मुताबिक, चाय प्वाइंट अब 2026 के मई तक शेयर बाजार में लिस्ट होने की योजना बना रही है।

फिलहाल कंपनी की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी फाउंडर, कर्मचारी और शुरुआती निवेशकों के पास है। वहीं बाकी की हिस्सेदारी संस्थागत निवेशकों के पास है। तरुण खन्ना ने बताया कि चाय प्वाइंट पहले से ही EBITDA के स्तर पर मुनाफे में है और अगले 4-5 महीनों में PBT (प्रॉफिट बिफोर टैक्स) कैश-फ्लो पॉजिटिव होने की योजना बना रही है। कंपनी को विदेशों में भी विस्तार के ऑफर मिले हैं, लेकिन वे अभी सही एंट्री रणनीति पर विचार कर रहे हैं।

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